जनिये जूते-चप्पल आपके करियर और धन पर कैसे असर डालते हैं...


 जूते चप्पल से जुड़ी उपयोगी वास्तु टिप्स :

 

दोस्तों, जूते चप्पल हमारे रोज मर्रा की एक ऐसी चीज होती हैं जिसके बारे में हम कभी गहराई से नहीं सोचते हैं. क्या आप जानते हैं कि जूते से भी हमारी किस्मत जुड़ी होती है? वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि हमारे जीवन से जुड़ी हर चीज का सम्बन्ध किसी न किसी ग्रह से होता है,  शनि को पैरों का कारक माना गया है इसलिए पैरों से सम्बद्ध रखने वाली किसी भी वस्तु को साफ़-सुथरा और यथाक्रम रखना चाहिए। ऐसे ही जूते भी आपके करियर और धन पर कई प्रकार से असर डाल सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस घर में गंदगी रहती है वहां कई प्रकार की आर्थिक हानि होती हैं और हमेशा पैसों की तंगी बनी रहती है। कई बार जाने-अनजाने हम जूते-चप्पलों को घर में सही जगह न रखकर अच्छे वास्तु को भी खराब कर लेते हैं। घर में जूते-चप्पलों को सही दिशा में रखा जाना चाहिए, क्योंकि इनसे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर जाती है।


जब भी हम बाहर से आते हैं तो जल्दबाज़ी में जूतों को यहाँ वहां रख देते हैं. लेकिन आपके द्वारा की गई छोटी छोटी चीजें भी घर की सकरात्माक और नकारात्मक उर्जा पर प्रभाव डालती हैं. इन सभी बातो को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको वास्तु से जुड़ी कुछ ऐसी टिप्स बताएंगे, जिससे आपके घर में प्रवेश होने वाली नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी और आपके घर में सुख-शांति बनी रहेगी। जूते-चप्पल से संबंधित कुछ ऐसी बातें हैं, जिनका ध्यान न रखने पर बहुत सारी अनचाही समस्याओं से रूबरू होना पड़ता है। इन्हें किस दिशा में और किस तरह रखा जाए, आइए जानते हैं

 

Shoes vastu tips



1. जब भी हम कहीं बाहर जाते हैं तब हमारे जूते-चप्पलों में गंदगी लग जाती है जिसे लेकर हम घर आ जाते हैं। घर में बाहर के चप्पल जूते पहनकर बिल्कुल नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इनसे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर जाती है। इसके अलावा घर में वास्तु दोष आता है और घर में पैसों की कमी होने लगती है।

 

2.      घर के बाहर या अन्दर आड़े तिरछे और अव्यवस्थित तरीके से पड़े जूते चप्पल नकारात्मक ऊर्जा देते हैं. जिन लोगों के घर में जूते इधर-उधर बिखरे रहते हैं, वहां शनि की अशुभता का प्रभाव रहता है। शनि को पैरों का कारक माना गया है, इसलिए पैरों से सम्बद्ध रखने वाली किसी भी वस्तु को साफ़-सुथरा और यथाक्रम रखना चाहिए।

 

3.      र के मुख्यद्वार के सामने कभी भी अपने जूते चप्पलों को नहीं रखे. घर के मुख्य द्वार से लक्ष्मी जी प्रवेश करती हैं ऐसे में उनके रास्ते में जूते चप्पलों का होना अच्छी बात नहीं हैं. वो इन्हें देख घर में प्रवेश नहीं करती हैं.

 

4.      घर के बाहर रखी शू रेक की उंचाई घर की छत की हाईट की तुलना में एक तिहाई से ज्यादा नहीं होना चाहिए. शू रेक की हाईट जितना ज्यादा हो सके कम ही रखे. यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो घर के सदस्यों को स्वास्थ सम्बंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं.

 

5.      जब भी आप शू रेक ख़रीदे तो कोशिश करे कि उसमे एक दरवाजा भी हो. खुले हुए शू रैक की जगह बंद शू कैबिनेट लाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह घर में नकारात्मकता फैलने से रोकता है। शू रेक के बंद होने की वजह से उसके अन्दर की नकारात्मक उर्जा बाहर घर में नहीं फैलती हैं.

 

6.      जूते चप्पल के लिये आप अपने घर की देहरी के थोड़ी दूर या आंगन में लकड़ी की छोटी अलमारी रखी जा सकती है। यदि शू रेक घर के अन्दर रखी हैं तो उसे साफ़ सुथरा और व्यवस्थित रखे. साथ ही जूते चप्पलो पर लगी धूल मिट्टी बाहर ही निकाल ले. इस तरह आपका घर नकारात्मक उर्जा से दूर रहेगा.

 

7.      अपने शू रेक को कभी भी पूजा घर या किचन के नजदीक ना रखे. हे। हमे जूते चप्पल पहन कर तिजोरी और लॉकर नही खोलना चाहिए। इससे लक्ष्मी जी का अपमान होता हे। सीढ़ी के नीचे कभी भी जूते चप्पल ना रखें, बच्चों के पड़ाई के लिए अच्छा नहीं होता! ऐसा करने से घर की बरकत चली जाती हैं.

 

8.      जूते चप्पलों को कभी भी घर के दक्षिण पूर्वी, उत्तरी या पूर्वी हिस्से में नहीं रखना चाहिए. बल्कि जूते चप्पलों को घर के पश्चिमी या दक्षिण पश्चिमी हिस्से में रखना शुभ माना जाता हैं. यदि आप इन नियमो का पालन नहीं करोगे तो आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता हैं.

 

9.      तिजोरी अथवा अपने धन रखने के स्थान पर जूते उतार कर जाना चाहिए क्योंकि धन को देवी लक्ष्मी के समान माना जाता है और उनके पास जूते पहनकर जाने का अर्थ है उनका अनादर करना। जहां लक्ष्मी का अनादर होगा तो वो उस स्थान को त्याग देती हैं।     

                                                  

vastu tips for shoes



10. बाथरूम की चप्पल अलग होना चाहिए और घर में पहनकर घूमने वाली चप्पल अलग होना चाहिए। अक्सर व्यक्तिटॉयलेट में जो चप्पल लेकर जाता है वही पहन कर घर के पूजास्थल और किचन तक पहुंच जाता है। यह भी नकारात्मक उर्जा का कारण बनता है क्योंकि वास्तु में टॉयलेट को नकारात्मक उर्जा का स्त्रोत माना गया है। 


11.  जिस अलमारी में आपका लॉकर है या पर्स है या धन संग्रह करते हैं, उस अलमारी के नीचे के खाने में जूते-चप्पल का रैक कभी न बनाएं, वरना लक्ष्मीजी रूठ जाएंगी व धन का नाश होना शुरू हो जाएगा।

 

12.  जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य शुभ अवसर पर आप मित्रों व रिश्तेदारों से कुछ भी उपहार ले सकते हैं, परंतु भूलकर भी कभी जूते उपहार में न लें, नहीं तो आर्थिक समस्या शुरू हो जाएगी। गिफ्ट में मिले जूतों को पहनने से करियर पर गलत असर पड़ता है। तोहफे में मिले या चुराये हुए ना प‍हने, इससे शनि कुपित होते हैं।

 

13.  जो जूते चप्पल उपयोग के न हों उन्हें घर में ना रखें उन्हें किसी गरीब को दे दें। पुराने जूते चप्पल रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आपके घर से समस्याऐं जाने का नाम ही नहीं लेती हैं। ऐसा करने से शनि देव का प्रकोप भी कम होता है।

 

14.  हमे अमावस्या मंगलवार और शनिवार और ग्रहण के दिन जूते चप्पल नही खरीदने चाहिए। यदि इन दिनों हम जूते चप्पल खरीदते हे तो अचानक नुकसान की सम्भावना बन जाती है।

 

15.  अगर आपके जूते चप्पल मन्दिर धर्म स्थान या अस्पताल से चोरी हो जाते है तो यकीनन आपका दुर्भाग्य दूर होगा। जो नुकसान होने वाला था वो नही होता है। जूते चप्पल का चोरी होना शुभ संकेत है ।

 

16.  वास्तु शास्त्र के अनुसार फटे हुए जूते पहनकर बाहर जाने से करियर में मिल रही सफलता असफलता में बदल जाती है। टूटे-फूटे जूते-चप्पल नहीं पहनने चाहिए, अभाग्य बढ़ता है। साफ-सुथरे और सुंदर फुटवियर पहनने से गुडलक हमेशा साथ रहता है।

 

17.  उपयोग में आने वाले जूते - चप्पल को व्यवस्थित ढंग से, उचित स्थान पर हमेशा पश्चिम की ओर ही रखना चाहिए। जो जूते चप्पल उपयोग के न हों उन्हें घर में ना रखें उन्हें किसी गरीब को दे दें। पुराने जूते चप्पल रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आपके घर से समस्याऐं जाने का नाम ही नहीं लेती हैं।

 

18.  घर में यदि जूते-चप्पल बिखरे हुए पड़े रहते हैं तो ये घर के सदस्यों में आपसी संबंध खराब करते हैं। जिस बेड पर सोते हैं, उसके नीचे भी जूते-चप्पल इकट्ठे न होने दें, नहीं तो स्वास्थ्य में कमी के साथ-साथ आपसी संबंधों में भी खटास पैदा हो जाती है।

 

19.  जिन लोगों के घर में जूते इधर-उधर बिखरे रहते हैं, वहां शनि की अशुभता का प्रभाव रहता है। शनि को पैरों का कारक माना गया है इसलिए पैरों से सम्बद्ध रखने वाली किसी भी वस्तु को साफ़-सुथरा और यथाक्रम रखना चाहिए।

 

20.  शनि ग्रह पैरों के कारक हैं। जिन पर शनि का प्रकोप ज्यादा चल रहा हो तो व्यक्ति को शनिवार के दिन निर्धन, जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल पहनाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है और स्वास्थ्य, धन और संबंधों में तुरंत प्रभाव से सुधार नजर आता है।


तन्हाइयां | Tanhaiyaan | Hindi Kavita | Jovial Talent


 ये तन्हाइयां...मेरी कलम से



Hindi poem by Jovial Talent


ये तन्हाइयां हमेशा ही तेरा साथ निभाती हैं,

निःस्वार्थ भावना से तुझे गले से लगाती हैं।


परेशानियों में जब तेरी आँखें हैं डबडबाती,

ये तन्हाइयां तुम्हें अपने आगोश में ले लेतीं।


जब कभी तेरे अपनों ने तुझको ठुकराया,

तन्हाइयों ने आकर तुझे गले से लगाया।


जब भी तेरे अपनों ने तेरा साथ ना निभाया,

तन्हाइयों ने आकर अपना दामन बिछाया।


जब कभी किसी ने तेरा मनोबल गिराया,

तनहाइयों ने आकर तेरा ढाँढस बँधाया।


Hindi poem by Jovial Talent


ज़िन्दगी के जिन मीठी यादों को तुमने खोया,

तनहाइयों ने वो यादें अपने पास है संजोया।


पर तनहाइयों से सबने सिर्फ स्वार्थ है निभाया,

खुशियों में कभी इसको साझेदार ना बनाया।


तन्हाइयां ही देती हैं तेरे ग़म में तुझको 'तृप्ति',

न जाने क्यों तू चाहता है इन तनहाइयों से मुक्ति।


                             --- तृप्ति श्रीवास्तव

औरत का मर्म | Hindi Kavita | काव्य रचना | Jovial Talent

 

काश कभी तुम समझ सको....मेरी कलम से



Jovial Talent


अपने सपनों का दमन किया,

तेरे सपनों को नमन किया।

अपने सारे कर्तव्यों का मैंने,

हँसते-हँसते निर्वहन किया।।


अब मैं भी थोड़ी क्षीण हो गई, 

शायद तुम्हें ये ध्यान ही नहीं।

मेरी भी तो उम्र ढल गई, 

इस बात से तुम अनजान नहीं।।


कभी तो मैं भी थकती हूँगी,

काश कभी यह महसूस करो।

दुखते होंगे पाँव भी मेरे,

काश ये तुम एहसास करो।।


भूख मुझे भी लगती होगी,

कभी तो तुमको ख़्याल रहे।

मेरी पसंद और नापसंद से,

तुम हमेशा ही अनजान रहे।।


नही चाहती मैं ये तुमसे,

कि तुम मुझ पर अभिमान करो।

पर नही चाहती ये भी तुमसे,

कि तुम मेरा अपमान करो।।


कुछ मेरे भी तो अरमां होंगे,

काश कभी ये जान सको।

मेरे आत्मसम्मान की गरिमा को,

तुम भी शायद पहचान सको।।


Hindi poem by jovial talent


क्यों खुद से मैं बातें करती,

शायद ये तुम्हें मालूम नहीं।

कभी तो पल भर साथ में बैठो,

मैं इतनी भी नादान नहीं।।


खुद को तुझमें ही विलीन कर दिया,

फिर भी तुझको 'तृप्ति' ना मिली।

कुछ अनसुलझे व अनजाने प्रश्नों से,

अबतक भी मुझको मुक्ति ना मिली।।


                ---  तृप्ति श्रीवास्तव