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नमक का एक गुप्त उपाय जो रातोंरात बदल सकता है आपकी किस्मत

 

सुख समृधि के लिए करें नमक का ये गुप्त उपाय


 नमक सिर्फ खाने को स्वादिष्ट ही नहीं बनाता बल्कि इसमें नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की भी अद्भुत शक्ति होती है। वास्तु शास्त्र की मानें तो नमक में बुरी शक्तियों को दूर करने की बहुत शक्ति होती है। नमक का प्रयोग न सिर्फ आपके घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है बल्कि आपके घर में सुख- समृद्धि बढ़ाने में भी सहायक है। वास्तुदोष निवारण में नमक एक शक्तिशाली उपाय है। वास्तु के अनुसार नमक से जुड़े कुछ वास्तु उपाय करके आप तनाव और रोगों से मुक्ति पा सकते हैं, साथ ही राहु के अशुभ प्रभाव से भी राहत मिलेगी। घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा,जिससे आपकी  शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याएं दूर होंगी। 


तो आइये जानते हैं कि क्या हैं वे उपाय .... 

 

Vastu remedies with Salt


नमक को कभी भी स्टील या लोहे के बर्तन में नहीं रखना चाहिए। नमक को हमेशा कांच के बर्तन में रखें और उसमें चार-पांच लोंग डाल दें। इससे आपके नमक में नमी भी नहीं आती है घर में सुख-संपन्नता बनी रहती है। नमक को किसी प्लास्टिक के बर्तन में भी नहीं रखना चाहिये . यह बीमारी और परेशानियों का कारण बन सकता है।

घर में सकारात्मक माहौल के लिए साबुत नमक को लाल रंग के कपड़े में बांधकर मुख्य द्वार पर लटकाना चाहिए। इससे घर में  नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है। इससे बुरी नजर से भी बचाव होता है।

रात को सोते समय पानी में एक चुटकी नमक डालकर उस पानी से अपने हाथ-पैर धोकर धोने से शारीरिक थकान तो मिटती है, इससे आपका तनाव दूर होगा और आपको रात में नींद भी अच्छी आएगी, साथ ही सकारात्मक उर्जा का संचार होता है।

किसी भी शनिवार को एक पोटली में थोडा नमक , थोडा चावल, थोड़ी काली उड़द की दाल और थोड़ी लाल मिर्च डालकर इसे किसी भी गरीब व्यक्ति को दान कर दें. ऐसा करने से दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल जाता है औए जीवन में खुशहाली आ जाती है .

यदि आपका मन बहुत अशांत रहता है या आपको किसी प्रकार का मानसिक तनाव है, तो पानी में रोजाना एक चुटकी नमक डालकर स्नान करें। इससे आपको तनाव से मुक्ति मिलेगी। आपके शरीर की नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होगी।

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अगर आप या फिर कोई व्यक्ति लंबे समय से रोगग्रस्त है, तो उसके सोने के स्थान के पास कांच के बर्तन में नमक भरकर रख दें। एक सप्ताह बाद उस नमक को बदल दें। ऐसा कुछ हफ्तो तक करें। इससे उस व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी। जिससे उसके स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा।

ऐसा माना जाता है कि सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव शौचालय में होता है . कांच के बाउल में सैंधा नमक की डलियां भरकर शौचालय में रखने से वहां की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। पंद्रह दिन के बाद नमक को बदलते रहें। दरअसल, नमक राहु के नकारात्मक प्रभाव को दूर करता है।

अगर पति-पत्नी में छोटी-मोटी बातों पर झगड़ा होता है, तो गृहकलेश को दूर करने के लिए आपको अपने शयनकक्ष के एक कोने में सेंधा नमक का एक छोटा सा टुकड़ा अवश्य रखना चाहिए। नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है जिससे धीरे-धीरे तनाव दूर होगा और रिश्ते सुधरेंगे। इस टुकड़े को महीने भर के बाद बदल दें और दूसरा नया टूकड़ा रख दें।


Vastu dosh


यदि परिवार के किसी सदस्य को नजर लग गई है, तो एक चुटकी नमक और थोड़ी सी राई लेकर सात बार सिर के ऊपर से घुमाकर पानी में बहा दें अथवा बाहर फेंक दें,नज़र उतर जाएगी। हफ्ते में एक दिन पानी में चुटकी भर नमक मिलाकर बच्चों को नहलाएं, बच्चों को नजर नहीं लगेगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी कम होंगी।

गुरुवार को छोड़कर पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा साबुत खड़ा नमक (समुद्री नमक) मिला लेना चाहिए। इस उपाय से भी घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है एवं दरिद्रता दूर होकर घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और कार्यों में आ रही परेशानियां दूर हो जाती हैं।


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किसी खुले कांच के बर्तन में नमक भरकर उसमे 4-5 लौंग भी डाल दें. अब उसे अपनी आलमारी या तिजोरी के पास रख दें . ऐसा करने से घर में बरकत बनी रहती है और घर में माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है .

 यदि किसी व्यक्ति को घर में नकारात्मक ऊर्जा के होने का आभास हो रहा हो, या किसी रूह के होने का डर सता रहा हो या किसी भी चिंता की वजह से वह परेशान हो तो शीशे के बर्तन में नमक डालकर घर के किसी भी कोने में रख दें। नकारात्मक ऊर्जा घर से निकल जाएगी।

ऐसा माना जाता है कि भोजन को पकाते वक्त चखने से उसकी पवित्रता कम हो जाती है और इस वजह से घर में दरिद्रता आती है। जिस घर में दरिद्रता का वास होता है वहां लक्ष्मी का आगमन कभी नहीं होता या अगर घर में लक्ष्मी है भी तो वो दूर चली जाती है।


Facts About Your Signature That Will Blow Your Mind. | हस्ताक्षर (Signature) में ये मामूली सा बदल डालेगा आपकी किस्मत

 

Lucky Signature Tips You Need To Know


हस्ताक्षर व्यकित के व्यकितत्व का आइना होता है। ज्योतिष की मान्यता है कि जिस व्यक्ति का जैसा स्वभाव होता है, उसके सिग्नेचर भी वैसे ही होते हैं। इस कारण हम सिग्नेचर देखकर भी लोगों के स्वभाव और आदतों के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। चूकि हस्ताक्षर में अगुलियों का प्रयोग होता है और अगुलियों का सीध सम्बन्ध दिमाग से होता है। जैसी आपकी सोच होगी या जो सोंचेगे उसका प्रभाव आपके हस्ताक्षर पर दिखेगा। इस वजह से इस माध्यम से व्यक्ति मनोवृत्ति का पता लगाया जा सकता है। आइये जानते हैं कि आपका हस्ताक्षर  (Signature) आपके व्यक्तित्व के बारे में क्या कहता है

 

Jyotish and Hastakshar

जो लोग हस्ताक्षर में सिर्फ अपना नाम लिखते हैं, सरनेम नहीं लिखते हैं, वे खुद के सिद्धांतों पर काम करने वाले होते हैं।  आमतौर पर ऐसे लोग किसी और की सलाह नहीं मानते हैं, ये लोग सुनते सबकी हैं, लेकिन करते अपने मन की हैं। 

जो लोग हस्ताक्षर करते समय नाम का पहला अक्षर थोड़ा बड़ा लिखते हैं, वे अद्भुत प्रतिभा के धनी होते हैं। ऐसे लोग किसी भी कार्य को अपने अलग ही अंदाज से पूरा करते हैं। अपने कार्य में पारंगत होते हैं। ऐसे लोग जीवन में सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं।

जो लोग जल्दी-जल्दी और अस्पष्ट हस्ताक्षर करते हैं, वे जीवन में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसे लोग सुखी जीवन नहीं जी पाते हैं। हालांकि, इस प्रकार के लोग महत्वाकांक्षी, परिश्रमी होते है। लेकिन इनके जीवन में काफी उतार-चढ़ाव बना रहता है। ऐसे लोग राजनीति के क्षेत्र में ज्यादा सफल होते है।

किसी व्यक्ति के नाम की स्पेलिंग में यदि i  (आइ) हो और वो अपने हस्ताक्षर में i  के ऊपर बिंदु(.) के स्थान  एक गोला (o) बनाये तो इसका मतलब यह है कि ऐसे लोगों के मन में हमेशा अकेलेपन का एहसास रहता है। ऐसे व्यक्ति थोड़े संकोची प्रवृत्ति के होते हैं.

जो लोग कलात्मक और आकर्षक हस्ताक्षर करते हैं, वे रचनात्मक स्वभाव के होते हैं। इन्हें किसी भी कार्य को कलात्मक ढंग से करना पसंद होता है। ऐसे लोग किसी न किसी कार्य में हुनरमंद होते हैं। इन लोगों के काम करने का तरीका अन्य लोगों से एकदम अलग होता है।

कुछ लोग हस्ताक्षर के नीचे दो लाइन खींचते हैं। ऐसे सिग्नेचर करने वाले लोगों में असुरक्षा की भावना अधिक होती है। ऐसे लोग भावुक होते हैं। किसी काम में सफलता मिलेगी या नहीं, इस बात का इन्हें सदैव संदेह रहता है।

जिन लोगों के सिग्नेचर मध्यम आकार के अक्षर वाले, जैसी उनकी लिखावट है, ठीक वैसे ही हस्ताक्षर हो तो व्यक्ति हर काम को बहुत ही अच्छे ढंग से करता है। ये लोग हर काम में संतुलन बनाए रखते हैं। दूसरों के सामने बनावटी स्वभाव नहीं रखते हैं।

जो लोग अपने हस्ताक्षर को नीचे से ऊपर की ओर ले जाते हैं, उनका स्वभाव महत्वाकांक्षी तथा उत्साही होता है। वे आशावादी होते हैं, निराशा का भाव उनके स्वभाव में नहीं होता है। इनका उद्देश्य जीवन में ऊपर की ओर बढ़ना होता है।

जिन लोगों के हस्ताक्षर ऊपर से नीचे की ओर जाते हैं, वे नकारात्मक विचारों वाले होते हैं। इन्हें किसी भी कार्य में असफलता पहले नजर आती है। इसी वजह से नए काम करने में इन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनकी मित्रता कम लोगों से रहती है।

सुख-समृद्धि के लिए घर में जूते चप्पल कहाँ रखें :

यदि कोई व्यक्ति हस्ताक्षर के अंत में लंबी लाइन खींचता है तो वह ऊर्जावान होता है। ऐसे लोग दूसरों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। किसी भी काम को पूरे मन से करते हैं और सफलता भी प्राप्त करते हैं।

जो लोग हस्ताक्षर के अन्त में डॉट या डैश लगाते है, वे धीर गंभीर दिखार्इ देंगे किन्तु अन्दर से ऐसे व्यक्ति शंकालु या डरपोक प्रवृत्ति के होते हैं। इन्हे समझ पाना कठिन काम होता है। ये अपनी बातों को किसी से जल्दी शेयर नहीं करते है।

ऐसे लोग जो अपने हस्ताक्षर बायें हाथ से करते है, उनमें गजब की प्रतिभा होती है। वे जिस क्षेत्र में जायेंगे उसमें इतिहास रचने की कोशिश करेंगे। हालांकि, लापरवाही इनके जीवन का सबसे नकारात्मक पक्ष है।

ऐसे लोग जो हस्ताक्षर करते समय कलम पर अधिक दबाव डालते है। वे लोग भावुक, जिददी, संवेदनशील व क्रोधी प्रवृति के होते है। ये स्पष्ट बोलने में अधिक विश्वास करते है।

जो लोग अपने हस्ताक्षर को लिखते वक्त कलम पर ज्यादा दबाव न डालें वह व्यकित सामाजिक उत्सवों में बढ़-चढ़कर भाग लेता। ऐसे लोग स्वयं का हित न ध्यान रखकर समाज की समस्याओं को समाप्त करने का बीणा उठाते है।

जो मनुष्य तीव्रगति से हस्ताक्षर करता है। वह लगभग हर कार्य में दक्ष रहने की कोशिश करता हैं एंव हर चीज में फास्ट रहता है। उसे आलसी लोग पसन्द नहीं होते है। इनकी ज्यादातर सोंच अपने पर ही केनिद्रत रहती है।

यदि हस्ताक्षर लेखन से ज्यादा बड़े हो तो ऐसे जातक अति महत्वाकांक्षी का प्रकृति के होते है और सारे रिश्ते नाते ताख पर रखकर काफी हदतक अपनी मंजिल को पाने में कामयाब भी होते है। ये कल्पनाये तो बहुत करते-रहते है लेकिन उन्हे मूर्त देने में टाल-मटोल किया करते है।

जिस मनुष्य के हस्ताक्षर लिखावट की अपेक्षा छोटे होते है। ऐसे लोग हीन भावना के शिकार होते है और हमेशा उनके मन पर भय हावी रहता है। संकोची स्वभाव के होने के कारण ये अपनी बात को दूसरे के समक्ष अच्छे ढ़ंग से नहीं रख पाते है।

इसके अलावा ज्योतिष में धन संबंधी मामलों के लिए हस्ताक्षर से सम्बंधित कुछ ध्यान रखने योग्य बातें भी बताई गयी हैं। यदि आप बहुत धन कमाते हैं और फिर भी बचत नहीं हो पाती है तो अपने हस्ताक्षर के नीचे एक पूरी लाईन खीचें और उसके नीचे दो बिंदू बना दें। इससे आपके धन में वृद्धि होने लगेगी।